भारत ने परमाणु मिसाइल ‘शौर्य’ का सफल परीक्षण किया
भारत ने 03 अक्टूबर 2020 को शौर्य मिसाइल के नए संस्करण का सफल परीक्षण किया. यह मिसाइल सतह से सहत पर मार करने वाली परमाणु क्षमता से लैस बैलिस्टिक मिसाइल है. इस मिसाइल का परीक्षण तटीय ओडिशा के बालासोर में किया गया.
भारत विगत कई दिनों से विभिन्न प्रकार के तथा नए नए किस्म के मिसाइलों का सफलतापूर्वक परीक्षण करता चला आ रहा है. आने वाले दिनों में भारत और कई नई किस्म की और ताकतवर मिसाइलों का परीक्षण करने की संभावना भी व्यक्त की जा रही है.
इस मिसाइल की खास बात
इस मिसाइल की खास बात ये भी है कि यह संचालित करने में हल्की और आसान होगी. शौर्य मिसाइल के आने से मौजूदा मिसाइस सिस्टम को मजबूती मिलेगी. यह मिसाइल पनडुब्बी से लॉन्च की जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइल का जमीनी रूप है.
यह मिसाइल 40 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचने से पहले आवाज की छह गुना रफ्तार से चलती है. शौर्य मिसाइल के इस नए संस्करण के जरिए 800 किमी दूर स्थित लक्ष्य पर भी निशाना लगाया जा सकता है.
शौर्य मिसाइल के आने से मौजूदा मिसाइस सिस्टम को मजबूती मिलेगी और यह मिसाइल संचालित करने में हल्की और आसान होगी. मिसाइल की रफ्तार इतनी तेज है कि सीमा पर बैठे दुश्मन के रडार को इसे डिटेक्ट ट्रैक करने और इंटरसेप्ट करने के लिए 400 सेकेंड से भी कम का वक्त मिलेगा.
शौर्य मिसाइल को एक मिश्रित कनस्तर में संग्रहित किया जाता है, जो लंबे समय तक रखरखाव के बिना स्टोर करने और परिवहन करने के लिए बहुत आसान बनाता है. उड़ान भरने पर लगभग 50 किमी की ऊंचाई तक पहुंचने के बाद यह मिसाइल हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल की तरह उड़ने लगती है.
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण
इससे पहले, भारत ने 30 सितम्बर 2020 को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो 400 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट को ध्वस्त कर सकती है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के बालासोर में जमीन से पीजे-10 प्रोजेक्ट के तहत मिसाइल का परीक्षण किया और मिसाइल को स्वदेशी बूस्टर के साथ लॉन्च किया गया.


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